झारखण्ड के जनजाति

   जनजाति:

 मानव समाज के एक ऐसे समूह जो अपना जीवन अपने के लिए पूर्णता प्राकृतिक पर निर्भर रखते हैं। जिसकी अपनी बोली, अपनी भाषा,अपनी कला, वा अपनी संस्कृति होती है। इसके समाज एक बंद समाज होती है। और यह प्राकृतिक प्रेमी होती है।

संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत  भारत में वर्ष 1950,1956 एवं 2003 में असुर जनजाति को झारखंड में शामिल किया गया। जो संख्या में कुल 32 है। जिसमें 08 आदिम जनजाति और 24 अनुसूचित जनजाति है।


  • आदिम जनजाति:(08)

  1. असुर

  2.  बिरहोर (जंगल का आदमी बोला जाता है)

  3. बिरजीया(जंगल का मछली बोला जाता हैं)

  4. परहिया 

  5. कोरवा

  6.  सबर 

  7. माल पहाड़ी 

  8. सुरैया पहाड़ी


  • अनुसूचित जनजाति (24)

     

  1. संथाल

  2. उरावा 

  3. मुंडा

  4. हो

  5. खरवाल

  6.  चेरो 

  7. चिक बड़ाइक 

  8. गोंड 

  9.  गोडाइत 

   10. किसान

   11. कोरा 

   12.करमाली 

   13.खड़िया 

   14.माहली

   15.बैग 

   16.बंजारा 

   17.लोहारा

   18.भूमिज

   19.खोड 

   20.बथूडी 

   21.बिझिया 

   22.बेदिया 

   23.कवर (31वा (08jan 2003)

   24.कोल (32वा जनजाति)

    

  • नोट:

सबसे पुराना जनजाति असुर है।और सबसे बाद के कोल जनजाति है।

     

     

     

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